उनको महल में पहुंचा दिया
इस विश्वास पर कि
वह हमारी झौंपड़ी सजा देंगे।
यह नहीं सोचा
वह भी इंसान है हमारी तरह
याद्दाश्त उनकी भी कमजोर है
वहां मुद्दत बाद मिले सुख में
अपने भी भूल जायेंगे दुःख के दिन
हमारे कैसे याद करेंगे।