प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ऐसे कई लोग मिलते हैं,जो किसी -न-किसी रूप में सहायक हो जाते हैं.वे बिना किसी प्रतिदान की अपेक्षा के अपनी भूमिका निभाकर अलग भी हो जाते हैं.वास्तव में हम स्वयम को उनका ऋणी महसूस कर रहे होते हैं,जबकि उन्हें हमसे कोई अपेक्षा नहीं रहती.इसमे याद रखने की बात यह है कि जीवन में हमें भी यदि किसी को भी सहयोग कराने का अवसर मिलता है तो बिना किसी प्रतिफल की अपेक्षा के सहयोग करते रहना चाहिये.